(मज़दूर बिगुल के सितम्‍बर 2017 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-खबरों आदि को यूनिकोड फॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

सम्पादकीय

जनता में बढ़ते असन्तोष से घबराये भगवा सत्ताधारी : मगर जनता को आपस में लड़ाने-बाँटने-बहकाने की साज़ि‍शों से सावधान रहना होगा!

अर्थनीति : राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

जीडीपी की विकास दर में गिरावट और अर्थव्यवस्था की बिगड़ती हालत : सबसे बुरी मार मेहनतकशों पर ही पड़नी है / मुकेश असीम

बुलेट ट्रेन के लिए क़र्ज़ देने वाले जापान के भारत प्रेम की हक़ीक़त क्या है? / मुकेश असीम

‘भारत में आय असमानता, 1922-2014 : ब्रिटिश राज से खरबपति राज?’ :
प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों लुकास चांसल और थॉमस पिकेट्टी की रिपोर्ट

विशेष लेख / रिपोर्ट

गौरी लंकेश का आख़िरी सम्पादकीय – फ़र्ज़ी ख़बरों के ज़माने में

संघर्षरत जनता

दिल्ली स्टेट आँगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्पर्स यूनियन के नेतृत्व में दिल्ली की आँगनवाड़ी महिलाओं की शानदार जीत! : 58 दिनों तक चली हड़ताल के बाद केजरीवाल सरकार को झुकाया, सरकारी राजपत्र निकाल कर सरकार ने मानदेय दो गुना किया! महिलाओं ने किया जात-पात तोड़क विजय भोज का आयोजन!

आइसिन मज़दूरों का बहादुराना संघर्ष और ऑटोमोबाइल सेक्टर के मज़दूरों लिए कुछ ज़रूरी सबक़ / – बिगुल संवाददाता, रोहतक, हरियाणा

इलाहाबाद में स्वास्थ्यकर्मियों का आन्दोलन

मज़दूर आंदोलन की समस्याएं

मौजूदा दौर के किसान आन्दोलन और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का सवाल / अनु राठी

समाज

राष्ट्रीय परीक्षा एनईईटी की वेदी पर एक मज़दूर की बेटी की बलि! / पराग वर्मा

पंचकूला हिंसा और राम रहीम परिघटना : एक विश्लेषण / कविता कृष्णपल्लवी

तटीय आन्ध्र में जाति‍ व्यवस्था के बर्बर रूप की बानगी / आनन्द सिंह

विकल्प का खाका

क्रान्तिकारी लोक स्वराज्य अभियान का आह्वान : बहुत होते हैं सत्तर साल अपनी बरबादी को पहचानने के लिए!किस चीज़ का इन्तज़ार है? और कब तक?

बुर्जुआ जनवाद – चुनावी नौटंकी

धन्नासेठों के चन्दे पर निर्भर पूँजीवादी संसदीय चुनाव – जिसका खायेंगे उसका गायेंगे

शिक्षा और रोजगार

40 प्रतिशत हैं बेरोज़गार, कौन है इसका जि़म्मेदार? / मुनीश मैन्दोला

आपस की बात

आपस की बात :लेखक को बधाई / सत्यवीर सिंह, फ़रीदाबाद

मज़दूरों की कलम से

सभी साथी एकजुट होकर संघर्ष करें, संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता! / आइसिन कम्पनी में कार्यरत एक मज़दूर साथी, 20.7.17

दोस्तो, हम सभी को एक साथ मिलकर लड़ना चाहिए / विकास, ऑटोमोबाइल मज़दूर, गुड़गाँव

'मज़दूर बिगुल' की सदस्‍यता लें!

 

ऑनलाइन भुगतान के अतिरिक्‍त आप सदस्‍यता राशि मनीआर्डर से भी भेज सकते हैं या सीधे बैंक खाते में जमा करा सकते हैं। मनीआर्डर के लिए पताः मज़दूर बिगुल, द्वारा जनचेतना, डी-68, निरालानगर, लखनऊ-226020 बैंक खाते का विवरणः Mazdoor Bigul खाता संख्याः 0762002109003787, IFSC: PUNB0076200 पंजाब नेशनल बैंक, निशातगंज शाखा, लखनऊ

आर्थिक सहयोग भी करें!

 

प्रिय पाठको, आपको बताने की ज़रूरत नहीं है कि ‘मज़दूर बिगुल’ लगातार आर्थिक समस्या के बीच ही निकालना होता है और इसे जारी रखने के लिए हमें आपके सहयोग की ज़रूरत है। अगर आपको इस अख़बार का प्रकाशन ज़रूरी लगता है तो हम आपसे अपील करेंगे कि आप नीचे दिये गए Donate बटन पर क्लिक करके सदस्‍यता के अतिरिक्‍त आर्थिक सहयोग भी करें।

 

 

Lenin 1बुर्जुआ अख़बार पूँजी की विशाल राशियों के दम पर चलते हैं। मज़दूरों के अख़बार ख़ुद मज़दूरों द्वारा इकट्ठा किये गये पैसे से चलते हैं।

मज़दूरों के महान नेता लेनिन

Comments

comments