अपनी जिन्दगी बदलने के लिए खुद जागना होगा और दूसरों को जगाना होगा
आपका एक साथी, खजूरी खास, दिल्ली
मैं उत्तर प्रदेश प्रदेश के बस्ती जिले का रहने वाला हूं। दिल्ली में रहकर कई साल से मज़दूरी कर रहा हूं। मालिकों के शोषण और बुरे बरताव से तंग हूं। कहीं भाग जाने के बारे में सोचता रहता था। फिर एक दिन मुझे मज़दूर बिगुल अखबार मिला। इसने मुझे नया रास्ता दिखाया।
मज़दूर बिगुल पढ़ना मुझे अच्छा लगता है क्योंकि मज़दूर बिगुल से हमें बहुत कुछ सीखने-समझने को मिलता है जैसे देश की आर्थिक-राजनीतिक मसलों के बारे में सही निचोड़ मिलता है।
मज़दूर आन्दोलनों की प्राप्तियों-अप्राप्तियों, कमियों-कमज़ोरियों के बारे में सही जानकारी मिलती है।
दुनिया भर का जो मज़दूर वर्ग का इतिहास है उसकी रोशनी से आज भारत के मज़दूर वर्ग को रास्ता दिखाता है। दुनिया भर में पूँजीवाद-साम्राज्यवाद की जो मार मज़दूर वर्ग पर पड़ रही है उसका निचोड़ और मज़दूर वर्ग को आगे का रास्ता दिखाता है। मज़दूर वर्ग को किन-किन माँगों पर उन्हें संगठित किया जाये इसकी मज़दूर बिगुल पढ़ने वालों की समझ बनती है।
अब मैं समझ गया हूं कि भागना कोई रास्ता नहीं है। हमें एक होकर लड़ना होगा अपनी जिन्दगी बदलने के लिए खुद जागना होगा और दूसरों को जगाना होगा।
मज़दूर बिगुल, मार्च 2019













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