पाब्लो नेरूदा के जन्मदिवस (12 जुलाई) के अवसर पर
विजयी लोग
पाब्लो नेरूदा अनुवाद: रामकृष्ण पाण्डेय
मैं दिल से इस संघर्ष के साथ हूँ
मेरे लोग जीतेंगे
एक-एक कर सारे लोग जीतेंगे
इन दुःखों को
रूमाल की तरह तब-तक निचोड़ा जाता रहेगा
जब-तक कि सारे आँसू
रेत के गलियारों पर
क़ब्रों पर
मनुष्य की शहादत की सीढ़ियों पर
गिर कर सूख नहीं जाएँ
पर, विजय का क्षण नज़दीक है
इसलिए घृणा को अपना काम करने दो
ताकि दण्ड देने वाले हाथ
काँपें नहीं
समय के हाथ को अपने लक्ष्य तक
पहुँचने दो अपनी पूरी गति में
और लोगों को भरने दो ये खाली सड़कें
नये सुनिश्चित आयामों के साथ
यही है मेरी चाहत इस समय के लिए
तुम्हें पता चल जायेगा इसका
मेरा कोई और एजेण्डा नहीं है
मज़दूर बिगुल, जुलाई 2014













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