मज़दूर बिगुल – फरवरी 2026
- 12 फ़रवरी की “हड़ताल” से मज़दूरों को क्या हासिल हुआ ?
- केन्द्रीय बजट : मज़दूर वर्ग और आम मेहनतकश जनता के शोषण को और भी बढ़ायेगा
- देश भर में “हिन्दू” सम्मेलनों एवं यात्राओं में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी भारतीय फ़ासीवाद के ‘नीचे से उठते चक्रवात’ का जीता-जागता उदाहरण
- कोटद्वार (उत्तराखण्ड) में संघी उत्पात और फ़ासिस्ट साम्प्रदायिक राजनीति का कारगर प्रतिरोध
- फ़ासिस्ट मोदी के राज में नफ़रती हिंसा और अपराध चरम पर
- यूजीसी विनियम, 2026: सही क्रान्तिकारी अवस्थिति क्या होनी चाहिए?
- फ़ासिस्टों की गुण्डागर्दी के ख़िलाफ़ उठ खड़े होते आम लोग
- ‘एप्सटीन फ़ाइल्स’: पूँजीवाद की सड़ांध और गलाज़त को बेनक़ाब करता और दुनियाभर के शासक वर्गों की “नैतिकता” और “आदर्शों” की कलई खोलता सबसे बड़ा काण्ड
- सुप्रीम कोर्ट का मज़दूर-विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनक़ाब! घरेलू कामगारों को न्यूनतम मज़दूरी देने की याचिका को किया ख़ारिज!!
- ईरान में तख़्तापलट की कोशिश में नाकाम रहने के बाद अमेरिका अब हमला करके पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंकने पर आमादा
- पानीपत रिफ़ाइनरी के मज़दूरों की सभी जायज़ माँगों को पूरा करो!
- मालिकों के मुनाफ़े की हवस ले रही मज़दूरों की जान!
- कोलकाता में वाउ मोमो और पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के गोदामों में आग से झुलसकर हुई मज़दूरों की मौत
- मोदी सरकार द्वारा लाये गये चार लेबर कोड और वीबी-ग्रामजी क़ानून के ख़िलाफ़ चलाये जा रहे अभियान को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन!
- कविता – प्रचार की ज़रूरत / बेर्टोल्ट ब्रेष्ट Poem – The Necessity of Propaganda / Bertolt Brecht
- राजेन्द्र धोड़पकर के दो कार्टून
- साम्प्रदायिकता और फासीवाद पर भगतसिंह व गोर्की के उद्धरण












