‘द गुजरात स्टोरी’ : भाजपा के शासन में गुजरात में 41 हज़ार महिलाएँ लापता!

भारत

एक तरफ़ मोदी व भाजपा सरकार महिलाओं के विकास, सुरक्षा की डींगे हाँकती रहती है, बड़े-बड़े जुमले फेंकती है, वहीं इसके उलट गुजरात से, जहाँ बीते 27 वर्षों से भाजपा की ही सरकार है, महिला सुरक्षा को लेकर एक बड़ी ख़बर आयी है। गुजरात में वर्ष 2016 से वर्ष 2020 के बीच 41,621 महिलाएँ गायब हो चुकी हैं। यह आँकडे एनसीआरबी नेशनल क्राइम रिपोर्ट ब्यूरो ने सार्वजनिक किये हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आँकड़ों के अनुसार 2016 में 7,105, 2017 में 7,712, 2018 में 9,246 और 2019 में 9,268 महिलाएँ लापता हुई हैं। साल 2020 में 8,290 महिलाओं के लापता होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद कुल संख्या 41,621 तक पहुँच गयी। वहीं राज्य सरकार द्वारा 2021 में विधानसभा में बताया था कि अहमदाबाद और वडोदरा में केवल एक वर्ष 2019-20 में 4,722 महिलाएँ लापता हो गयी थीं। गुजरात पुलिस अपनी साख़ बचाने के लिये कह तो रही है कि इसमें से 94 फ़ीसदी महिलाओं का पता लगा लिया गया है, पर इस बात का कोई आधार नहीं पेश किया गया है। भाजपा शासित गुजरात में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध लगातार बढ़ता जा रहा है। 2021 में राज्य में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध की 7,348 घटनाएँ हुई। 2021 में बच्चों के ख़िलाफ़ अपराध में 4515 मामले दर्ज़ किये गये थे। इसमें 2020 के मुक़ाबले 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। पिछले बजट सत्र में गृह राज्य मन्त्री हर्ष सांघवी ने राज्य विधानसभा को सूचित किया है कि दो वर्षों (2020 और 2021) में राज्य में कुल 3,796 बलात्कार के मामले दर्ज़ किये गये थे।

पूरे देश की तरह गुजरात में भी भाजपा के नेता-मन्त्री महिलाओं का शोषण करने में आगे हैं। महिलाओं से बलात्कार के भी कई मामले सामने आये हैं जिनमें भाजपा से जुड़े लोग ही मुख्य आरोपी थे। नलिया काण्ड हो या विकलांग महिला का यौन शोषण, इन सब मामलों में भी कुलदीप सिंह सेंगर व चिन्मयानन्द के मामलों की तरह आरोपियों को छोड़ दिया गया या सिर्फ़ मामूली कारवाई की गयी। गुजरात में ही बिल्किस बानो के बलात्कारियों को भाजपा ने “संस्कारी” बता कर शरण दी।

“सभ्यता-संस्कार-शुचिता” की बात करने वाली भाजपा की हक़ीक़त यही है! इन्हें महिलाओं की सुरक्षा से कोई लेना देना नहीं है। 2014 में यह बात करते हुए आये थे – “बहुत हुआ नारी पर वार, अबकी बार मोदी सरकार!” पर मोदी सरकार के आने के बाद से हर जगह महिलाओं पर वार बढ़ता ही जा रहा है। आज देश की महिला पहलवान तक इन भाजपाइयों के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ उठा रही हैं। जब सत्ता में ऐसे लोग बैठे हों जिनकी सोच स्त्रियों को पैरों की जूती समझने की हो, जिनकी पार्टी और संसदीय दल बलात्कार के आरोपियों से भरे हुए हों, जिनके मन्त्री और विधायक एक बच्ची के बलात्कारियों के पक्ष में तिरंगा लेकर जुलूस निकालते हों, जिनके मुख्यमन्त्री के मंच से मुस्लिम महिलाओं को क़ब्र से निकालकर बलात्कार करने का आह्वान किया जाता हो, हर बलात्कारी बाबा जिस पार्टी के नेताओं के अगल-बग़ल दिखायी देता हो, और जिनकी विचारधारा में बलात्कार को विरोधी पर विजय के हथियार के रूप में महिमामण्डित किया जाता हो, तो वैसी भाजपा पार्टी से आप स्त्रियों की सुरक्षा की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफ़ॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान लोकसभा में क़रीब 43 प्रतिशत सांसदों के विरुद्ध स्त्री-विरोधी अपराधों सहित तमाम तरह के आपराधिक आरोप हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या भाजपा के सांसदों की है जिनमें से 30 प्रतिशत के विरुद्ध बलात्कार, हत्या, अपहरण जैसे गम्भीर स्त्री-विरोधी अपराधों के आरोप हैं। अगर हम पिछले कुछ मामलों पर ही नज़र दौड़ायें तो पता चलता है कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में ज़मीन-आसमान का फ़र्क है।

– उत्तराखण्ड में भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य अपने रिज़ॉर्ट की कर्मचारी युवती अंकिता पर अनैतिक काम करने पर दवाब बनाता है और युवती द्वारा काम न किये जाने पर उसकी हत्या कर देता है। विनोद आर्य का रिज़ॉर्ट कई बड़े भाजपा नेताओं-मन्त्रियों के लिए अय्याशी का अड्डा बना रहा है, ऐसा कई रिपोर्टों ने बताया है।

– पश्चिमी बंगाल, जलपाईगुड़ी में बाल तस्करी के आरोप में भाजपा नेत्री जूही चौधरी गिरफ़्तार की गयी और मामले में भाजपा के नेताओं कैलाश विजयवर्गीय और रूपा गांगुली के नाम भी जुड़े।

–  उत्तरप्रदेश में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी क़रार।

– झारखण्ड के राँची से भाजपा नेत्री और महिला विंग की राष्ट्रीय कार्यसमिति की सदस्या सीमा पात्रा ने अपनी नौकरानी को आठ साल तक बन्धक बनाया, उसके दाँत तोड़े और जीभ से मल-मूत्र तक चटवाया!

– मेघालय का भाजपा राज्य उपाध्यक्ष बर्नार्ड मराक छोटे बच्चों और महिलाओं को बन्धक बनाकर वेश्यालय चलाने में संलग्न पाया गया।

– छत्तीसगढ़, राजनान्दगाँव में शराब तस्करी के आरोप में भाजपा नेता जयराम दुबे गिरफ़्तार।

ये तो बस चन्द उदाहरण हैं! भाजपा के असल चाल-चरित्र-चेहरे की एक-एक कहानी लिखी जाये तो दिन छोटा पड़ सकता है। ऐसा क्यों होता है कि “संस्कार” और “प्राचीन भारतीय हिन्दू संस्कृति” की रट लगाने वाले ये लोग ही कुसंस्कारों की गटरगंगा में सबसे अधिक गोते लगाते पाये जाते हैं? “संसद-विधानसभा की मर्यादा”, “ईमानदारी” और “राष्ट्रवाद” का भ्रमजाल फैलाने वाले इन हिटलर-मुसोलिनी की सन्तानों का असल चेहरा बेहद ही अश्लील और घृणास्पद है। फ़ासीवादियों का बस एक ही काम होता है शुचिता और संस्कारों की जुमलेबाज़ी कर अपनी गन्दगी छिपाना और मालिकों-पूँजीपतियों की सेवा करना। भारतीय फ़ासीवादियों के “संस्कारी” चेहरे के पीछे की असलियत को भी इससे समझा जा सकता है। जनता के असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ही ये हत्यारे, बलात्कारी, भ्रष्टाचारी भाजपा और संघ परिवार नैतिकता और संस्कार का चोगा ओढ़ते है  जिसकी असलियत भी किसी से छुपी नहीं है। इनकी चिकनी-चुपड़ी बातों पर यक़ीन करके इनके संस्कारों और शुचिता का भरोसा कोई मूर्ख ही कर सकता है।

संस्कारों का इनका सारा ढिंढोरा इनके चरित्र पर पड़े बदनुमा दाग़ों को छिपाने के लिए होता है। इसलिए देश में कहीं भी आज महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं। भारत इन्हीं भाजपाइयों के कारण दुनिया में महिलाओं के लिये सबसे असुरक्षित देश है। आज बिल्कुल बेटियों को बचाने की ज़रूरत है लेकिन इन भाजपाइयों से! “बेटी बचाओ” इनका नारा नहीं चेतावनी थी, यह देश की जनता बाद में समझ पायी। हर प्रकार के फ़ासीवादियों का बस एक ही काम होता है और वह है जनता को शुचिता और संस्कार का पाठ पढ़ाते हुए उसे फ़र्ज़ी मुद्दों के आधार पर बाँटकर आपस में लड़ाना और अपने पूँजीपति आक़ाओं की सेवा करना। इटली, जर्मनी ही नहीं बल्कि हमारे देश के फ़ासिस्ट भी आज यही कर रहे हैं। हमें आज इन भाजपाईयों और संघ परिवार के लोगों की असलियत को समझना होगा और इनके चाल-चरित्र-चेहरे को बेनक़ाब करना होगा और महिला सुरक्षा के सभी दावों की हक़ीक़त को लोगो के बीच ले जाकर इनका पर्दाफ़ाश करना होगा।

 

मज़दूर बिगुल, जून 2023


 

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