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दो कविताएँ

दो कविताएँ – जैकी, गाँव धमतान साहि‍ब, नरवाना, हरि‍याणा घायल मज़दूर जब सड़कों की ओर चलो रे भाईया तब बदलेगा दूनि‍या का रवैया रोक दो पूँजीपति‍यों का पहि‍या और हर…